>गैस भी हृदय रोग का कारण बन सकता है – कुमार मुकुल

>पेट में गैस बनने से कई तरह की परेशानिया¡ पैदा होती हैं। सिर दर्द, पेट दर्द से लेकर हृदय दर्द तक के मूल में पेट में गैस का बनना हो सकता है। एक हृदय रोगी छाती में दर्द से परेशान थे। वे डीएमसीएच और एम्स में अपना इलाज करा रहे थे। साल भर पहले उन्हें हृदय रोग ने परेशान किया था। तब वह आरिम्भक अवस्था में था और एम्स (दिल्ली) में इलाज के बाद नार्मल हो गया था। इधर फिर जब दर्द हुआ और जांच हुई तो हृदय स्वस्थ पाया गया और दर्द का कारण शान्त नहीं किया जा सका।
रोगी की जब मुझसे भेंट हुई, तो मैंने लक्षणों के आधार पर उन्हें जैल्सीमियम 30 और कैक्‍टस 30 दिया। उनकी बीमारी थी कि मोटरसाइकिल पर बाहर घूमते-फिरते रहने पर वे स्वस्थ रहते हैं, पर घर में आते ही चक्कर और दर्द बढ़ जाता है। हृदय में जकड़ने के लक्षण भी थे। इन दो दवाओं से स्थिति नियंत्रण में आ गई। पर अब भी दर्द जा नहीं रहा था। फिर मेरा ध्‍यान कार्बोवेज पर गया। इसमें था कि गैस के कारण हर्ट पर दबाव बढ़ जाता है। और परेशानी बढ़ जाती है। तब रोगी को कार्बोवेज 30 दिया गया। इससे स्थिति काबू में आ गई। आगे एम्स में भी चिकित्सक इसी नतीजे पर पहुंचे कि उनका हर्ट स्वस्थ है और दर्द का कारण कहीं पेट में है। तब कारण पता करने के लिए रोगी का बेरियम टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में रोग का कारण गैस ही निकला।
गैस से हुई परेशानी में अगर हम शरीर के हिस्सों को ध्‍यान में रखें, तो तीन दवाओं से रोग का निराकरण किया जा सकता है। अगर गैस के चलते पूरे पेट में ऊपर पसली से लेकर नीचे बड़ी आंत तक परेशानी हो, तो रोगी को चायना दी जा सकती है। ऐसे में अगर रोगी पतला हो और उसे कमजोरी से चक्कर आते हों, तो उसे चायना 6 की दस बूंदें सुबह व शाम कुछ सप्ताह दी जानी चाहिए।
पर अगर गैस के चलते परेशानी पेट के निचले हिस्से में हो और दबाव बड़ी आंत पर ज्यादा हो, तो लाइकोपोडियम 30 से उसका उपचार किया जा सकता है। पेट अगर साफ नहीं होता हो और आपको कई बार पाखाना जाना पड़ता हो, तो इसमें भी लाड़ को कम करता है। ऐसे में नक्स वोमिका भी काम करती है और आप लक्षणों के आधार पर उनसे कोई दवा चुन सकते हैं।
गैस का दबाव अगर केवल छाती के ऊपरी क्षेत्रा में हो और पसली के नीचे दबाव ज्यादा हो और हृदय का भी दबाव पड़ रहा हो, तो आप कार्बोवेज का प्रयोग कर सकते हैं। लाइको की तरह कार्बोवेज भी गहरा असर करनेवाली दवा है।
गैस में इन दवाओं के साथ आपको खान-पान पर ज्यादा ध्‍यान देना होगा। एक सलाह जो आम है कि आप सुबह में मुंह धो‍कर एक गिलास सत्तू जरूर पी लें। चाय आप कम पीएं और तला हुआ न खाएं।

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